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Monday, 10 September 2012

भारतीय कॉमिक्स का सफरः अतीत से अब तक

भारतीय कॉमिक्स का सफरः अतीत से अब तक

भारतीय कॉमिक्स का सफरः अतीत से अब तक

अमर चित्रकथा कॉमिक्स अब एंड्रायड एप्लीकेशंस के साथ मोबाइल पर इंटरनेलशन मार्केट में उपलब्ध है. एसीके मीडिया इन एनीमेशन फिल्में बनाने के लिए कई बड़ी कंपनियों से करार कर रहा है. हर साल अमर चित्रकथा के जरिए इंट्रोड्यूस कैरेक्टर्स पर आधारित मोबाइल गेम्स रिलीज किए जा रहे हैं. इनमें से अर्जुन के कैरेक्टर पर आधारित मोबाइल गेम इस वक्त वियतनाम में नंबर वन चल रहा है.
अस्सी और नब्बे के दशक में पॉपुलर राज कॉमिक्स को हम अब ऑनलाइन परचेज कर सकते हैं. इसके कैरेक्टर डोगा पर अनुराग कश्यप जैसे सीरियस फिल्ममेकर बिग बजट मूवी प्लान कर रहे हैं.
सन 2010. आबिद सूरती (जी हां, वही ढब्बू जी वाले) के फेमस कैरेक्टर बहादुर का नया अवतार सामने आता है. इस बार आप उसे इंटरनेट पर पढ़ और डाउनलोड कर सकते हैं, और उसका फेसबुक फैन पेज भी है, जिसके अब तक हजार से ज्यादा फैन्स तैयार हो चुके हैं.

न्यू एज स्प्रिचुअलिटी गुरु दीपक चोपड़ा और इंटरनेशनल फेम के डायरेक्टर शेखर कपूर ने इंडियन माइथोलॉजिकल स्टोरीज पर इंटरनेशनल मार्केट के लिए करीब चार साल पहले वर्जिन ग्रुप के रिचर्ड ब्रान्सन के साथ करार किया था. इस वक्त लिक्विड कॉमिक्स से देवी, साधु, गणेश, बुद्धा, स्नेक वूमेन, मुंबई मैक्गफ जैसे कैरेक्टर्स ने पश्चिम में धूम मचा रखी है. कुछ कहानियों पर जॉन वू (फेस ऑफ वाले) जैसे डायरेक्टर फिल्म भी प्लान कर रहे हैं.

यह है इंडियन कॉमिक्स की मौजूदा तस्वीर. आइए जरा अतीत की तरफ चलते हैं...
  फ्लैशबैक



यह बात है 1967 की, टेलीविजन ने भारत में कदम रखे ही होंगे, अनंत पई दिल्ली की एक शाम दूरदर्शन से टेलीकास्ट हो रहा क्विज शो देख रहे थे. शायद टॉपिक था, माइथोलॉजी. वे यह देखकर हैरान हो गए जब एक बच्चा भगवान राम की माता का नाम न बता सका. वहीं ग्रीक माइथोलॉजी से जुड़े कई सवालों का जवाब वे फटाफट देते गए. उसी साल अनंत ने टाइम्स आफ इंडिया की जॉब छोड़ दी और भारतीय पौराणिक कथाओं पर सरल भाषा और सुंदर चित्रों के साथ कॉमिक्स का प्लान किया. कई पब्लिकेशंस ने उनका आइडिया रिजेक्ट कर दिया. अंत में बात बनी इंडिया बुक हाउस के इनिशियेटिव से.
इसके बाद वही हुआ जो हर सफल इंसान की कहानी के साथ होता है. शुरुआत में स्ट्रगल के बाद अमर चित्रकथा बीस भारतीय भाषाओं में इंडिया की सबसे ज्यादा बिकने वाली कॉमिक्स बन गई. यह वो वक्त था जब इंडियन सोसाइटी का अरबनाइजेशन हो रहा था. ज्वाइंट फैमिली धीरे-धीरे न्यूट्रल फैमिली में शिफ्ट हो रही थी. दादा-नानी से सुनी-सुनाई जाने वाली कहानियों का चलन खत्म हो रहा था. घर में उस खाली स्पेस को धीरे-धीरे अमर चित्रकथा भरने लगा. यह एक ऐसी कॉमिक्स बन गया जिसे देखकर पैरेंट्स नाराज नहीं होते थे, स्कूलों की लाइब्रेरी में और बच्चों के स्कूल बैग में भी ये नजर आने लगे.

साइड स्टोरी


जिस वक्त अनंत पई ने टाइम्स आफ इंडिया की जॉब छोड़ी, वह ग्रुप इंद्रजाल कॉमिक्स के नाम से बच्चों के लिए एक नया पब्लीकेशन लांच कर रहा था. ली फॉक के कैरेक्टर्स फैंटम और मैन्ड्रेक लाखों बच्चों के लिए बन गए वेताल और जादूगर मैंन्ड्रेक. ‘द घोस्ट हू वाक्स’ बन गया ‘चलता फिरता प्रेत’. शानदार मुहावरेदार अनुवाद ने इन कैरेक्टर्स को घर-घर में पॉपुलर कर दिया.
इंद्रजाल कॉमिक्स ने बहादुर नाम से एक भारतीय कैरेक्टर भी इंट्रोड्यूस किया. बहादुर के क्रिएटर थे हिन्दी-गुजराती के मशहूर लेखक और पॉपुलर स्ट्रिप ढब्बू जी के रचयिता आबिद सूरती. बाकायदा रिसर्च के बाद चंबल के बैकड्राप पर क्रिएट की गई स्टोरी और गोविंद ब्राहम्णिया के सिनेमा के स्टाइल में फ्रेम की गई तस्वीरों ने बहादुर को भारत की क्लासिक कामिक्स बना दिया.
यू टर्न
सन 1980 तक इसकी पॉपुलैरिटी अपने चरम पर थी. मगर आने वाले कुछ सालों में यह पब्लीकेशन बंद हो गया. कामिक्स घरों से लगभग गायब होने लगी. कागज की कीमतें और प्रोडक्शन कास्ट बढ़ने के कारण इंडिया बुक हाउस को भी कीमत बढ़ानी पड़ी नतीजा वे मिडल क्लास की पहुंच से बाहर हो गए. पल्प फिक्शन और पॉपुलर बुक्स छापने वाले कुछ पब्लिशर्स ने भारतीय कैरेक्ट्स इंट्रोड्यूस करने चाहे, मगर घटिया तस्वीरों, इमैजिनेशन का अभाव, बच्चों और टीनएजर्स की साइकोलॉजी न पकड़ पाना- कुछ ऐसे फैक्टर रहे, जिनके चलते वे बुरी तरह फ्लाप हो गए.
  एक के बाद एक कॉमिक्स पब्लीकेशन खुले और साल-छह महीनों में बंद हो गए. कुछ तो पहले सेट से आगे बढ़ ही नहीं पाए. कुछ बड़े पब्लिशिंग हाउस ने इंद्रजाल कॉमिक्स की सक्सेस स्टोरी दुहराने की कोशिश की. अब तक सिर्फ एलीट क्लास को उपलब्ध एस्ट्रिक्स हिन्दी में आया, चंदामामा ने वाल्ड डिज्नी के कैरेक्टर्स इंट्रोड्यूस किए- मिकी माउस, डोनाल्ड और जोरो. उन्होंने दूसरी कोशिश की सुपरमैन और बैटमैन को लाने की. अनुवाद की दिक्कतों के चलते बच्चे उनसे दूर रहे.
  राइजिंग

 
पॉकेट बुक्स पब्लिश करने वाले राज कॉमिक्स ने सुपर कमांडो ध्रुव, नागराज, परमाणु और डोगा जैसे कैरेक्टर इंट्रोड्यूस किए. देखते-देखते ये बच्चों में पॉपुलर हो गए. दूरदर्शन के विस्तार से स्पाइडरमैन, स्टार ट्रैक और स्ट्रीट हॉक पापुलर हो चुके थे. जमीन तैयार थी. एक बार फिर कॉमिक्स ने बच्चों की दुनिया रंगीन कर दी.
  पहले से पॉपुलर चाचा चौधरी, राजन इकबाल, बांकेलाल, भोकाल, फाइटर टोड्स, भेड़िया जैसे अनगिनत कैरेक्टर सामने आए. इन पर टीवी सीरियल प्लान होने लगे. कार्टून नेटवर्क और पोगो जैसे चैनलों ने बच्चों के पढ़ने का स्पेस तो छीना मगर इंडियन कॉमिक्स इन छोटे-मोटे झटकों को झेलने के लिए मजबूती से खड़ा था.
  क्लाइमेक्स बंगलूरु में इंजीनियर और मैनेजमेंट के बैकग्राउंड वाले एक युवा श्रेयस श्रीनिवास ने अपने कुछ साथियों की मदद से लेवेल टेन कामिक्स स्टैबलिश किया. वे बतौर यंग इंटरप्रन्योर ब्लूमबर्ग के शो द पिच के विनर रहे और उन्हें पांच करोड़ की इन्वेस्टमेंट अपारचुनिटी मिली है. फेसबकु पर लेवेल टेन कामिक्स के दस हजार से ज्यादा फैन्स हैं.
  नोटः यह आलेख आई-नेक्स्ट के भारतीय कॉमिक्स पर केंद्रित विशेष अंक के लिए लिखा गया था, जिसे अनंत पै के निधन पर उनको श्रृद्धांजलि स्वरूप तैयार किया गया था.

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वे कामिक्स के पन्ने और ढेरोँ कहानियाँ. By Navbhart times.

एक वह वक्त भी था, जब दुनिया आज की तरह तकनीक केइशारों पर नहीं नाचती थी। तब बच्चों की सबसे प्यारी दोस्त कॉमिक्स हुआ करती थी। गर्मी की छुट्टी का मतलब ढेर सारी कॉमिक्स और मस्ती हुआ करती थी। लेकिन वक्त बदलने के साथ बच्चों के दोस्त और पसंद भी बदलनेलगे। वह कॉमिक्स इरा भले अब गुजरे जमाने की बात हो, लेकिन कॉमिक्स से लोगों काजुड़ाव कम नहीं हुआ है। खुद कॉमिक्स ने उतार-चढ़ाव भरे दौर से निकलकर नए मिजाज और कंटेंटके बूते नए वक्त में अपनी अहमियत कायम रखी है। कॉमिक्स के सफर और उसके साथ नॉस्टैल्जिक जुड़ाव के बारे में बता रहे हैं नरेंद्र नाथ :
अमर चित्र कथा
1967 में अनंत पाई ने बच्चों के लिए अमर चित्र कथा इस मंशा के साथ शुरू की थी ताकि उन्हें मनोरंजनके साथ ज्ञान भी मिले। उनकी यह सोच काफी दूर तक कामयाब साबित हुई। 70 और 80 के दशक में अमर चित्र कथा ने रेकॉर्ड बिक्री की।एक अनुमान के मुताबिक इस दशक में 10 करोड़ से ज्यादा कॉमिक्स बिक गईं। इस पीढ़ी के बच्चों के लिएपौराणिक-ऐतिहासिक और महापुरुषों से जुड़ी कहानियों को खेल-खेल में समझाने-बताने का क्रेडिट अमर चित्र कथा को ही जाता है। इसी दौर में बच्चों केमनोरंजन के लिए हल्की-फुल्की कहानियों पर आईं कॉमिक्स भी बिकीं। रिसर्च में यह पाया गया कि बच्चे जितनी सहजता से कॉमिक्स केसाथ कनेक्ट करते हैं, उतनाकिसी भी दूसरी चीज से नहीं। हालांकि 90 के दशक तक आते-आते कॉमिक्स-कथा कीडोर कमजोर होने लगी।
मुश्किल वक्त
80 और 90 के दशक के दौरान कागज की कीमतें बेतहाशा बढ़ीं। कॉमिक्स महंगी होने लगीं। इसी बीच बच्चोंके मनोरंजन के लिए विडियो गेम और दूसरे विकल्प भी आने लगे। कॉमिक्स कंटेंट के मोर्चे पर लगातार पिछड़रही थी। इन तमाम फैक्टर्स ने कॉमिक्स के बाजार को बुरी तरह प्रभावित किया। उसके प्रकाशन बंद होने लगे। यह उस वक्त एक ग्लोबलट्रेंड था। कॉमिक्स से जुड़ी यादें कमजोर पड़ने लगीं। ऐसा लगने लगा कि कॉमिक्स युग का अंत करीब है।
ऐसे बढ़ा दायरा
लेकिन कॉमिक्स का इमोशनल नॉस्टैल्जिया इसे फिर से रास्ते पर ले आया। कंटेंट मे नए जमाने के मुताबिक बदलाव होने लगे और उसकी मजबूती और बेहतरी के लिए कोशिशें शुरू हुईं। नए किरदार गढ़े गए, कॉमिक्स को इंटरनेट पर पेश किया जाने लगा और उसे पढ़ने का जुनून फिर बढ़ा। पहले 50 पैसे देकर चुपके से लाइब्रेरी से चाचा-चौधरी, नागराज, सुपर कमांडो ध्रुवकी कहानियां पढ़ने वाले, इंटरनेट पर इनके कारनामे आसानी से पढ़ने लगे। फेसबुक ने इसे और तेजी दी।सिर्फ फेसबुक पर ही कॉमिक्स से जुड़े दो दर्जनपेज हैं, जिसे लाखों लोग पसंद कर रहे हैं। अमर चित्र कथा ने फेसबुक पर अपना पेज शुरू किया तो एंड्रॉयड फोन ऐप्लिकेशन के जरिए मोबाइल पर अमर चित्र कथा सुलभ होने लगी। मोबाइल गेम्स कॉमिक्स के किरदार पर बनने लगे। ग्राफिक नॉवल कॉमिक्स के ढांचे पर आने लगी। एक तरफ सुपरस्टार शाहरुख खान ने अपनी फिल्म 'रा.वन' के किरदारों के साथ कॉमिक्स लॉन्च करने की घोषणा की तोदूसरी तरफ आईपीएल के दौरानदिल्ली डेयरडेविल्स की टीम पर आधारित एक कॉमिक्स सीरिज निकली। इस तरह कॉमिक्स ने अपने को तमाम पॉप्युलर सिंबल्स से जोड़ लिया। भारत में कॉमिक्स सेजुड़े जानकार मानते हैं किदो-तीन सालों में कॉमिक्स फिर से एक नए मुकाम पर होगी।
कॉमिक्स की इकनॉमिक्स
कॉमिक्स की इकनॉमिक्स भी यही बताती है कि अब इसके दिन फिर रहे हैं। कॉमिक्स का हर साल एक विश्वस्तरीय मेला आयोजित किया जा रहा है। भारत के कॉमिक्स बाजारकी बात करें तो फिलहाल वह करीब 100 करोड़ तक पहुंच चुका है। आने वाले वक्त में इससे इन्फोटेनमेंट फील्ड के कई बड़े प्लेयर्सजुड़ने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे इसकी इकनॉमिक्सको बूम मिलने की संभावना है।
वक्त से आगे चलना होगा:प्राण
एक गलत धारणा बन गई है कि कॉमिक्स की दुनिया सिमट रही है। हालात इसके ठीक उलट, बल्कि बेहतर हैं। मैंने 1960 से कॉमिक्स की दुनिया को बहुत करीब सेदेखा है। उन अनुभवों के आधार पर कह सकता हूं कि कॉमिक्स की दुनिया अपने सबसे बेहतर वक्त में जाने वाली है। मैंने जब इस फील्ड में कदम रखा था तब देश में सिर्फ एक ही प्रकाशक हुआ करता था। आज इनकी संख्या 20 से अधिक है। हां, बीच में एक ऐसा वक्त जरूर आया, जब ऐसा लगा कि कॉमिक्स की दुनिया सिमटरही है। बच्चे इससे दूर होरहे हैं। यह वक्त था ग्लोबल तकनीक और टीवी के प्रवेश का। इधर कॉमिक्स कीदुनिया स्थिरता के दौर से गुजर रही थी। नए प्रयोग नहीं हो रहे थे। बदलते वक्त के मुताबिक कॉमिक्स की दुनिया नहीं बदल रही थी। लेकिन जैसे ही वक्त कीनब्ज को पकड़कर आगे बढ़ने की कोशिशें शुरू हुईं, अच्छे नतीजे सामने आने लगे। दरअसल, कॉमिक्स की 'नॉस्टैल्जिया वैल्यू' इतनी मजबूत है कि इसकी हस्ती मिटाना आसान नहीं होगा। मैं 2006 में अमेरिका गया था- वर्ल्ड कार्टून सोसायटी ऑफ अमेरिका में भाग लेने। वहां आम राय बनी कि हमें टीवी की शक्ति को स्वीकार कर उससे होड़ लगाने की बजाय एक दूसरे के पूरक सहयोगी के रूप में खुद को ढालना होगा। पुराने कॉमिक किरदारों पर टीवी सीरियल बन रहे हैं। और मेरे चर्चित किरदार चाचा चौधरी सहित तमाम कॉमिक किरदारों पर बने सीरियल न सिर्फ टीवी के लिए हिट रहे, बल्कि इनका असर इधर भी हुआऔर कॉमिक्स की बिक्री बढ़ी। लोगों तक कॉमिक्स पहुंचने के पहले दो ही जरिये थे - प्रकाशक और विक्रेता। लेकिन अब कॉमिक्स के बाजार में आने के कई माध्यम हैं। तकनीक के जरिए ऑनलाइन कॉमिक्स लाई गईं और डिजिटल कॉमिक्सकी मांग बढ़ी।
चूंकि आज के बच्चे ज्यादा स्मार्ट हैं, इसलिए हमारा जोर कॉमिक्स के कंटेंट को भी स्मार्ट बनाने का है। कॉमिक्स के कंटेंट को वक्तके साथ नहीं, उससे आगे रखना होता है। 'चाचा चौधरीका दिमाग कंप्यूटर से तेज चलता है' जैसी पंचलाइन एक दौर में इसलिए हिट हुई, क्योंकि यह उस वक्त से आगेथी। लेकिन आज के वक्त में इस पंचलाइन का कोई असर नहीं रह गया है। इससे यही बात साफ होती है कि हमें परंपरागत शैली को छोड़ना होगा।

इसके अलावा एक बात और अहम है। वह यह कि कॉमिक किरदारों से पढ़ने वाले खुद को कनेक्ट रखें, इसके लिए वरायटी पर भी जोर देनाचाहिए। आप देखिए कुछेक सुपरपावर के किरदार को छोड़ हर देश, हर संस्कृति से ताल्लुक रखने वाला किरदार ही उस देश में हिट होता है। मसलन, अभी हमने आईपीएल पर आधारित एक कॉमिक्स निकाली। यह अपने देश में हिट हो सकती है, क्योंकि क्रिकेट यहां जुनून है, लेकिन दूसरे देशमें शायद इससे लोग खुद को जोड़ न पाएं। मुझे पक्का यकीन है कि कॉमिक्स की दुनिया बड़ी शिद्दत के साथइन बदलावों को जारी रखेगी।
( प्राण देश के मशहूर कार्टूनिस्ट हैं। इनके कॉमिक किरदार चाचा चौधरी, बिल्लू, साबू वगैरह काफी चर्चित हुए।)
कॉमिक्स से जुड़े जाने-अनजाने फैक्ट्स
-कॉमिक्स का कॉन्सेप्ट यूनान से आया। स्विस आर्टिस्ट रुडोल्फ टकर ने 19वीं सदी में पहली बार कॉमिक किरदारों के साथ कामकिया।
-दुनिया की पहली कॉमिक्स एक अमेरिकी अखबार में स्ट्रिप के तौर पर आई थी।
-अनंत पाई ने अमर चित्र कथा की शुरुआत तब की थी, जबदेखा कि एक बच्चे को राम की मां का नाम पता नहीं था। इसके बाद उन्होंने कई पौराणिक कहानियों पर आधारित कॉमिक्स पेश कीं।
-80 के दशक में अमिताभ बच्चन को सुपरहीरो के रूप में पेश करते हुए कॉमिक्स बनाई गई थी।
-1985 में पहली डिजिटल कॉमिक्स अमेरिका में आई थी।
-इंस्पेक्टर आजाद के किरदार से राजकपूर इतने प्रभावित थे कि उन्होंने इसे लेकर अपनी सबसे महत्वाकांक्षी फिल्म बनाने की कोशिश की। लेकिन वह अपने इस प्रॉजेक्ट को पूरा नहीं कर सके।
-जापान में कॉमिक्स को मांजा नाम से जाना जाता हैऔर इसे हर उम्र के लोग पढ़ते हैं।
-विश्व की कई यूनिवर्सिटीज में कॉमिक्सकी भाषा को समझने के लिए इसकी अलग से पढ़ाई भी की जाती है।
-2004 में मार्बल कॉमिक्स और गोथम एंटरटेनमेंट ने एक करार केसाथ स्पाइडरमैन का भारतीय संस्करण लॉन्च किया, जिसमें सारे किरदार इसी संस्कृति के थे। मुंबई बैकड्रॉप पर कहानी को आगे बढ़ाया गया था।
मशहूर फिल्मकार अनुराग कश्यप कहते हैं, 'कॉमिक्स के जरिए ही मैं फैंटसी को समझ पाया। डोगा के किरदार के पीछे मैं पागल था। वह मेरे जेहन में बस गया था। मेरे लिए वह पहला सुपर हीरो था। कॉमिक्स से बचपन की अनगिनत यादें जुड़ी हुईहैं। अब तमन्ना है कि डोगाको पर्दे पर उतारूं।'
कॉमिक्स पर आधारित चित्रकथा डॉक्युमेंट्री मेकर आलोक शर्मा कहते हैं,'हम लोग कॉमिक्स पढ़ते बड़े हुए, इसलिए उसकी याद मन में रहती है। हमने सोचाथा कि उन यादों को अपनी अगली पीढ़ी को भी सौंपेंगे। हमारे बच्चे इससे रूबरू हों, इसी तमन्ना के साथ तकनीक के सहारे कॉमिक्स की दुनिया को वापस लाने की कोशिश की।कॉमिक्स नए दौर में भी पढ़ने वालों के बीच चहेती बनी हुई है।'
डायमंड कॉमिक्स के एमडी गुलशन राय का कहना है, 'ऐसालगा कि कॉमिक्स का वह क्रेज नहीं रहेगा, जैसा पहले था। लेकिन यह अनुमान गलत साबित हुआ। कॉमिक्स सेजुड़ी इंडस्ट्री फिर से जोर पकड़ रही है। पैरंट्स को भी यह बात समझ में आ रहीहै कि कॉमिक्स बच्चों के बेहतर रचनात्मक मनोरंजन का जरिया बन सकते हैं।'
कॉमिक्स के कुछ चर्चितकिरदार
1. फैंटम
2. चाचा-चौधरी
3. राजन-इकबाल
4. नागराज
5. सुपर कमांडो ध्रुव
6. मैंड्रक
7. भोकाल
8. साबू
9. डोगा
 10. बांकेलाल.

कुछ मुख्य भारतीय प्रकाशक : पात्र परिचय

कुछ मुख्य भारतीय प्रकाशक : पात्र परिचय

 RAJ COMICS :-CHARACTER INFO-

राज कॉमिक्स का एक किरदार-बैरिस्टर विश्वनाथ
 
परिचय-बैरिस्टर विश्वनाथ का परिचय सरकारी वकील प्रतापनाथ के इकलौते पुत्र के रूप में दिया गया है, जो की बिहारीपुरमें वकालत करते हैं. विश्वनाथ ने क़ानून की पढाई इंग्लैंड में की और अपने पिता के कार्यों में हाथ बताने के उद्देश्य से वह भारत वापस आया, जिससे वह एक सफल वकील के कौशल अपने पिता से सीख सके.

परन्तु उसे तब आश्चर्य हुआ जब उसने पाया की प्रतापनाथ केवल पैसों को महत्व देते हैं न्याय से उनका कोई वास्ता नहीं है. तब विश्वनाथ ने सत्य,न्याय तथा पीड़ितों की मदद करने का फैसला लिया, इसके लिए वह अपने पिता केखिलाफ भी अदालत में जा खड़ा हुआ.

राज कामिक्स के सुपर-हीरोस के बीच एकसाधारण सा यह चरित्र, भले ही बहुत अधिक कॉमिक्स में ना आया हो, परन्तु कॉमिक्स के चाहने वालों के बीच यह चरित्र प्रशंसनीय है.
बैरिस्टर विश्वनाथ के केवल ४ ही कॉमिक्स प्रकाशित हुए थे, राज कॉमिक्स में. वे हैं...
Serial 117 - (बैरिस्टर विश्वनाथ)
Serial 118 - (इन्साफ की लाठी)
Serial 126 - (खूनी कौन)
Serial 152 - (गोल्ड मेडल)

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जौहर
जौहर राज कॉमिक्स के शुरुआती दौर में आता था. जौहर की कॉमिक्स के पात्र कुछ ज्यादा ही TINTIN से प्रेरित हैं. जौहर एक पत्रकार है. वो दनादन अखबार में काम करता है. वो एक पढा-लिखा व्यक्ति है शायद ही कोई कॉमिक्स हीरो इतना पढ़ा लिखा हो. वो एम .एस .सी .पास है और उसने पी.एच.डी. यानि डॉक्टरेट की हुई है.
उसका एक प्यारा सा कुत्ता है - परदेशी ,जो इंसानों की बोली बोलता है. जौहर के सहयोगी हैं-कप्तान तिरंगा - जिनका तकिया कलाम है-'किसी जमाने में'....कॉमिक्सों में हमें हँसाते हैं, पुलिस स्पेशल फोर्स के दो मूर्ख जासूस - खडक सिंह और कड़क सिंह. दोनों का तकिया कलाम है - 'खडक सिंह के खड़कने से खड़कती हैं खिड़कियाँ ,कड़क सिंह के कड़कने से कड़कती हैं बिजलियाँ '.
किसी भी कॉमिक्स में कहानीकार का नाम नही दिया गया है.कारण क्या है पता नही.हाँ चित्रांकन है श्री राम वाईरकर जी का .कॉमिक्स मनोरंजक होती थी फिर भी केवल पांच कॉमिक्स ही प्रकाशित हुई हैं (वो भी अंतिम दो कॉमिक्स बहुत अंतराल के बाद आयी)-

प्रकाशित कॉमिक्स
जौहर
जौहर और हवाई डाकू
जौहर और गिरहकट
जौहर कंकाल द्वीप में जौहर और काकोरम का खजाना
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DIAMOND COMICS CHARACTERS LIST :-

About Diamond Comics
 Diamond Comics is the India's largest selling comics and is the publisher of characters of India's famous cartoonist, Pran. Being published in almost all the regional languages, it is providing the best Comic literature to Indian children for the last three decades. Infact, you name any Indian or foreign character and you will find it in Diamond Comics. It has attained the readership of all age groups. It's unmatched quality, uniqueness, affordability, availability and credibility has made Diamond Comics an undisputed leader in the field of quality comic-literature. Diamond Comics has also been publishing many foreign characters comics such as Phantom, Superman, Batman, Spider-Man, James Bond, etc. in Hindi in India.

  1. AGNIPUTRA ABHAY
  2. ANKUR
  3. BIG BABOOL
  4. BILLU
  5. CHACHA BHATIJA
  6. CHACHA CHAWDHARY
  7. CHANNI CHACHI
  8. CHEENU
  9. CHOTU LAMBU
  10. DAABU
  11. DYNAMITE
  12. FAULADI SINGH
  13. HE MAN
  14. JAABU
  15. LAMBU MOTU
  16. MAHABALI SHAKA
  17. MAMA BHANJA
  18. MENDRECK
  19. MOTU PATLU
  20. PALTU
  21. PHANTOM
  22. PINKI
  23. RAJAN IQBAL
  24. RAMAN
  25. SONI SAMPAT
  26. SPIDERMAN
  27. SRIMATIJI
  28. TAAU JI



क्या आपने इन्स्पेक्टर गिरीश का नाम सुना है? जो लोग डायमंड बाल पॉकेट बुक्स के पढने वाले हैं, उन्होंने शायद इंस्पेक्टर गिरीश कि कहानियाँ पढ़ी होगी. डायमंड बाल पॉकेट बुक्स में इंस्पेक्टर गिरीश कि कहानियाँ राजीव ने लिखी हैं, जिन्होंने शायद सभी डायमंड बाल पॉकेट बुक्स कि कहानियां लिखी होगी.

खैर, एक तेज तर्रार, साहसी और ईमानदार इंस्पेक्टर की इन कहानियों का मज़ा तो केवल बाल पॉकेट बुक्स में ही मिल सकता है क्योंकि यह चरित्र कभी भी कॉमिक्स के रूप में अवतरित नहीं हुआ. परन्तु अचानक ही इस शानदार चरित्र कि एक लधु कथा कॉमिक्स के रूप में अंकुर नामक पत्रिका में नज़र आयी तो ख़ुशी से में सचमुच पागल हो उठा, क्योंकि शायद इस दुर्लभ चरित्र कि बेहद कम (या शायद अकेली) चित्रकथा ही प्रकाशित हुयी थी.


परन्तु जैसे ही में इसके अंतिम पृष्ठ में पंहुचा, मेरी ख़ुशी सारी सीमाओं को पार कर गया. क्यों...
मेरा दावा है यह अनुपम सिन्हा कि सबसे अनजानी कृति है. उनसे सम्बंधित सारे लेख पढ़ लें, कहीं इस सम्बन्ध में कुछ भी नहीं लिखा मिलेगा. इसके पहले भी में नन्हे सम्राट के भगवान की गवाही पोस्ट की थी, पर कम से कम यह तो पता था कि वो नन्हे सम्राट के लिए काम करते थे, पर डायमंड कॉमिक्स के लिए ताऊ जी और जादू का डंडा के अलावा कभी और किसी कार्य के बारे में मैंने तो ना कभी पढ़ा ना सुना. तो जब मैंने देखा की उनकी यह बेहद ही अज्ञात कृति मेरे पास हैं और वो भी एक बेहद दुर्लभ चरित्र की, तो मुझसे रहा नहीं गया. यह ना सिर्फ अनुपम सिंहजी के चाहने वालों के लिए अमूल्य है वरण साथ ही साथ किसी भी कॉमिक्स प्रेमी के लिए भी उतना ही ख़ास है.


MANOJ COMICS CHARACTERS LIST :-

About Manoj Comics
Manoj Comics was one of the leading comic book houses in India along with its competitors like Raj Comics and Diamond Comics. Other than the regular characters, the prime strength of Manoj Comics was the stories based on Kings-Queens, Prince-Princess, Demons, Dragons, Ghosts and moral values. Almost half of the Manoj Comics published comics fall in these categories.
They also published illustrations for some of the world-famous stories like Gulliver's Travels, though these are very rare to find these days.Due to changing tastes, and children preferring to read foreign comics from DC and Marvel, Manoj Comics were finally closed down. Manoj Comics was the last major Indian comic book company which got shut down just before the end of the dark age of the Indian comic industry.

  1. AAKROSH
  2. AJGAR
  3. AMAR AKBAR
  4. AMAR RAHIM TINGU
  5. ANGOOTHELAL
  6. ASLAM
  7. BHOOT-PRET TANTRA MANTRA JAADOO TONA
  8. COLONEL KARNA
  9. COMPUTER SINGH
  10. CROOKBOND
  11. HAWALDAAR BAHADUR
  12. INDRA
  13. INSPECTOR MANOJ
  14. JAADUI VICHITRA LOK KATHAAYEIN
  15. JASOOS X
  16. JATAAYU
  17. KAAN
  18. KALA PRET
  19. KANGA
  20. MAHABALI SHERA
  21. MAKDI RANI
  22. RAM RAHEEM
  23. SAGAR SALEEM
  24. SECRET AGENT SULAIMAAN
  25. SHARK
  26. SHERBAAZ
  27. SIKANDER
  28. SPACE MAN
  29. SUPER COP MANU
  30. THRILL ACTION ADVENTURE
  31. TOOFAAN
  32. TOTAAN
  33. TRIKAALDEV
  34. UNCLE CHARLIE
  35. VAZRA
  36. VIDHWANS
  37. VINAASH
  38. VINOD HAMEED
  39. YUGAANDHAR

TULSI COMICS CHARACTERS LIST :-

About Tulsi Comics
Tulsi Comics was an Indian comics publisher in the late 80s and early 90s, and was a division of Tulsi Pocket Books. Backed by Tulsi Pocket Books, a popular publishers of Hindi novels in India, and backed by an established and vast customer base of the novels, Tulsi comics never achieved high success, as they lacked in quality and were not up to the standards of Diamond Comics, Raj Comics or Manoj Comics, and because of this, the company finally shut down in 2004. Another reason for Tulsi Comics failure was that they produced story arcs in a minimum of 2–3 parts, and they never gave a complete story in a single issue. Since most of the comic readers in India are children who had limited pocket money, this practice ultimately backfired, and it lost popularity among its reader base. Chief among these was a huge story arc of Jambu spanning several comics lasting for more than a year. Though this whole series was among the best Tulsi has ever offered creatively, this long continuing series, along with introducing a lot of new characters like Yosho (formerly advertised as Osho), Yoga, Baaj and Mr. India led to its death. The new characters were just not as exciting and older characters were multi-part stories. Tulsi comics character "Jambu" was their most successful character, created by a Ved Prakash Sharma, followed by Angara and Tausi.

Tulsi Comics was an Indian comics publisher in the late 80s and early 90s, and was a division of

Tulsi Pocket Books History Backed by Tulsi Pocket Books, a popular

publishers of Hindi novels in India, and backed by

an established and vast customer base of the
novels, Tulsi comics never achieved high success,
as they lacked in quality and were not up to the
standards of Diamond Comics, Raj Comics or Manoj Comics, and because of this, the company finally shut down in 2004. [1] Another reason for Tulsi Comics failure was that
they produced story arcs in a minimum of 2–3
parts, and they never gave a complete story in a
single issue. Since most of the comic readers in
India are children who had limited pocket
money, this practice ultimately backfired, and it lost popularity among its reader base.[citation needed] Chief among these was a huge story arc of Jamboo spanning several
comics lasting for more than a year. Though this whole series was among the best Tulsi has ever offered creatively, [citation needed] this long continuing series, along with
introducing a lot of new characters like Yosho
(formerly advertised as Osho), Yoga, Baaz and Mr.
India led to its death. The new characters were
just not as exciting and older characters were multi-part stories.[citation needed] Tulsi comics character "Jamboo" was their most
successful character, created by a Ved Prakash
Sharma, followed by Angara and Tausi. Plot of the Jamboo storyline In this storyline, Jamboo gets stranded on a
planet. He becomes their ruler by killing the
native race's King by beating him in a duel. Later
stories explored his improving relations with
native race, rebuilding their society and saving
them from attacks. Slowly, he discovers his doppelganger by the name of "Shanichar". He also
finds out that in previous life he was tortured
and killed by him and so when he was created,
Shanichar's image and powers were in the sub-
conscious mind of the professor whose brain he
carries now. Both of them had the final showdown with
Jambu killing him with the planet's water (which
has acidic properties and only the protection against it is a special element from the native
planet). Instead of finishing the story arc, they
continued the series by introducing "Sarkata". He
finds the head who tells him that his body has
liquid which can cure all diseases and grant
immortality. He also tells a fake story to gain Jamboo's sympathy. The quest begins to find his whole body as the
liquid can only be extracted if the whole body is
brought together. After a lot of struggle he finally
brings whole of his body together and brings
him back to India in order to extract the Miracle
Liquid called "Amrit". However, it backfires as he refuses to give anything and reveals his real
name as "Sarkanda". Frequency Tulsi Comics were published monthly. The
number of comics published every month varied
from 6 to 10 (sometimes 1 or 2 digest are also published as special issues.) Some of the famous comics are Jamboo aur
Angara ka Yudh, Jamboo aur Tausi, Mar gaya
Jamboo, and Jamboo ke bete. Head Office The Head Office of the Tulsi Pocket Books is - Tulsi Pocket Books
Delhi Road
Meerut - 250 002 Characters Tausi Jamboo Angara (Tulsi Comics) Yosho Yoga Baaj Mr. India Other than the regular characters - Tulsi Comics
published comics based on Kings-Queens, Prince-
Princess, Demons-Dragons-Ghosts and moral
values. Due to the lack of original characters,
more than half of the total comics published by
the company fall in this broad category.

  1. ANGARA
  2. BAAZ
  3. JAMBU
  4. MISTER INDIA
  5. TAUSI
  6. YOSHO
  7. YOGA

KING COMICS CHARACTERS LIST :-
 
About King Comics
King Comics was a sub division of Raj Comics. Though it had a great start, King Comics couldn't raise to the same level of popularity like its sister concern. Backed by the resources and popularity generated by Raj Comics, King Comics managed to run for about 4–5 years, but eventually its popularity declined and soon it stopped being published.
After the closure of this division, the owners tried to merge some characters into Raj Comics universe but due to poor responses, this plan never saw the light of the day. Gamraj however, was the only character which rose to immense popularity and managed to gain a spot in the Raj Comics universe. Gamraj is still one of the popular characters and is being published under Raj Comics while the other characters were not that lucky.

1. ABHEDYA
2. BLIND DEATH
3. GAMRAJ
4. GOLDEN HEART
5. HUNTER SHARK FORCE
6. LIZA
7. VAKRA
8. VEGA
9. THS & MISC

डायमंड कॉमिक्स : जानकारी

डायमंड कॉमिक्स : जानकारी




Diamond Comics is a popular Indian comics magazine, published and distributed by Diamond Comics Pvt. Ltd. It is the largest comic book publisher and distributor in the country. The comics magazine has been publishing many popular and original Indian characters like Chacha Chaudhary, Billoo, Pinki, as well as several foreign comics with famous characters like Batman, Spider-Man, Phantom, James Bond and Superman in Hindi language. Most of the popular Indian characters in Diamond Comics universe are created by cartoonist Pran, one of the most prominent Indian comics creators. Diamond Comics magazine has gained much admiration and popularity amongst Hindi comics readers.

One of the most well known characters of Diamond Comics is Chacha Chaudhary, created by Pran Kumar Sharma. Chacha Chaudhary is a smart and witty elderly person who uses his astute brain and intelligence to fight evil criminals, robbers and thieves. Sabu, who has come from Jupiter, is Chacha Chaudhary`s sidekick and helps him in his adventures. Some of the other popular Indian characters are Billoo, Pinki, Raman, Shrimati Ji, Daabu, Channi Chachi, Chacha-Bhatija, Agniputra-Abhay, Tau Ji (with Rumjhum), Motu-Patlu, Motu-Chhotu, Chhotu-Lamboo, Lamboo-Motu, Anderam-Danderam, Alturam-Falturam, Manglu Madari-Bander Bihari, Mama-Bhanja, Raajan-Iqbal, Fauladi Singh (with Lamboo, Dr. John), Ankur, Chimpoo, Paltoo, Meeku, Piklu and others. There were some action hero characters as well in Diamond Comics as well. Most prominent are Jasoos Chakram, Mahabali Shaka, Jimmy Hendricks and Dynamite. Diamond comics also published many popular western characters, which were licensed by the publishing house like Mandrake, He-Man, Batman, Spider-Man, Phantom, James Bond and Superman etc.
  Diamond Comics also released a comics version of the much accepted children`s television serial Shaktimaan, featuring Mukesh Khanna. Shaktimaan is an Indian superhero and the concept was inspired from Superman. It also published a comics series titled Captain Vyom, which based on the Indian science fiction television show of the same name featuring Milind Soman in the lead role. Diamond Comics also published a few 3D comics as well.

Diamond Comics underwent a deal with License India in the year 2009 in order to create animated television shows based on the major original characters of the publishing house, like Chacha Chowdhary, Sabu, Billoo and Pinki.

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Cartoonist Pran's Characters
*. Chacha Chaudhary [MAIN CHARACTERS:Chacha Chaudhary (Chachaji), Sabu( Chachaji's faithful assistant who has come from Jupiter, Bini (Chachaji's wife) Rocket( Chachaji's Dog), Raakaa (a villain who drank an 'immortality' potion), Gobar Singh(a bandit), Dhamaka Singh( Gobar's aide)]
*. Billoo [MAIN CHARACTERS:Billoo, Gabdu, Bajrangi Pahalwan]
*. Pinki [MAIN CHARACTERS:Pinki, Grandma, Grandpa, Champu, Jhapatji]
*. Raman
*. Shrimati Ji
*. Daabu
*. Channi Chachi
Teamed-up Characters
*. Chacha-Bhatija
*. Agniputra-Abhay
*. Tau Ji (with Rumjhum)
*. Motu-Patlu
*. Motu-Chhotu
*. Chhotu-Lamboo
*. Lamboo-Motu
*. Anderam-Danderam
*. Alturam-Falturam
*. Manglu Madari - Bander Bihari
*. Mama-Bhanja
*. Raajan-Iqbal
*. Fauladi Singh (with Lamboo, Dr. John)
*. Chacha Chaudhry (With Sabu)
Fun/Family Characters
*. Ankur
*. Chimpoo
*. Paltoo
*. Meeku
*. Piklu
Action Figures
*. Mahabali Shaka
*. Jasoos Chakram
*. Dynamite
*. Jimmy Hendricks
Foreign Characters (Licensed)
*. Phantom
*. Mandrake
*. James Bond
*. He-Man
*. Spider-Man
Advertisements/Endorsement/TV Series
*. Shaktimaan (Based on the Popular TV Serial for Children - Shaktimaan starring Mukesh Khanna. An Indian Superhero.)
*. Rasna Genie ( Rasna is one of the biggest drinks in India.)
*. Kapil Dev (Prithvi Ke Rakshak - Action Grahvasi) (Comic produce as an ad campaign for Action Shoes)
*. Big Babool Children (Distributed free with Perfetti's popular Big Babool Bubble Gum) *. Captain Vyom (Comic version of a space adventure TV series of the same name starring Milind Soman in the title role)