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Monday, 29 July 2024

Comics Character League 2 - Unpacking Team Performances and the Impact of Bonus Points

 

The Comics Character League (CCL) Season 2 introduced an exciting twist with the bonus point rule. If a team garnered more than 70% of the votes and defeated their opponent by a margin of 40% or more, they were awarded an additional bonus point. This rule added a new layer of competition, rewarding teams not only for their victories but also for their dominance.

Bonus Point Matches

In CCL Season 2, there were ten matches where teams earned this coveted bonus point. Here’s a breakdown of those standout performances:

  1. 22nd June 2024

    • Team 3 - Dhananjay vs. Team 7 - Jadugar Shakoora
    • Winner: Team 3 - Dhananjay
    • Votes: 80%
    • Margin: 60% - Bonus Point Earned


  2. 26th June 2024

    • Team 3 - Sabu vs. Team 6 - Kutkut Gilahri
    • Winner: Team 3 - Sabu
    • Votes: 76%
    • Margin: 52% - Bonus Point Earned


  3. 1st July 2024

    • Team 1 - Narak Nashak Nagraj vs. Team 7 - Bhokal
    • Winner: Team 7 - Bhokal
    • Votes: 73%
    • Margin: 46% - Bonus Point Earned


  4. 6th July 2024

    • Team 3 - Saudangi vs. Team 8 - Rooh
    • Winner: Team 3 - Saudangi
    • Votes: 89%
    • Margin: 78% - Bonus Point Earned


  5. 7th July 2024

    • Team 1 - Super Commando Dhruv vs. Team 2 - Apsara
    • Winner: Team 1 - Super Commando Dhruv
    • Votes: 74%
    • Margin: 48% - Bonus Point Earned


  6. 10th July 2024

    • Team 6 - Ram-Raheem vs. Team 5 - Asurraj Shambhuk
    • Winner: Team 6 - Ram-Raheem
    • Votes: 80%
    • Margin: 60% - Bonus Point Earned


  7. 14th July 2024

    • Team 7 - Bankelal vs. Team 5 - SatYug
    • Winner: Team 7 - Bankelal
    • Votes: 96%
    • Margin: 92% - Bonus Point Earned
    • Comics Character League Record (Biggest Victory Margin)


  8. 15th July 2024

    • Team 4 - Inspector Steel vs. Team 1 - Code Name Alpha
    • Winner: Team 4 - Inspector Steel
    • Votes: 90%
    • Margin: 80% - Bonus Point Earned
  9. 16th July 2024

    • Team 3 - Dev Kaaljayi vs. Team 2 - Nagraj
    • Winner: Team 2 - Nagraj
    • Votes: 71%
    • Margin: 42% - Bonus Point Earned
  10. 27th July 2024

    • Team 3 - Chacha Chaudhry vs. Team 7 - Lomdi
    • Winner: Team 3 - Chacha Chaudhry
    • Votes: 73%
    • Margin: 46% - Bonus Point Earned

Team Performances

Team 1 (Rishabh Tiwari): Known for their victory with ace superhero Super Commando Dhruv, earning a bonus point. However, unfavorable results in a couple of close matches led to their elimination.

Team 2 (Prakash Sharma): Managed a significant win with Nagraj but were already out of contention for the next round by their last match.

Team 3 (Mohit Trendster): Consistently strong with multiple wins and a record-setting four bonus points in a single season, marking a Comics Character League milestone.

Team 4 (Khushi K.): Achieved a dominant victory with Inspector Steel and narrowly missed qualification, finishing with 9 points in 7 matches.

Team 5 (Smit Singh): Had a dismal performance, facing strong opponents in the initial stages.

Team 6 (Manoj Kumar Garg): Notable for their win with Ram-Raheem and a couple of close victories.

Team 7 (Mohan Lal Mourya): Achieved a record victory with Bankelal, earning a bonus point, and had to use their other trump card, Bhokal, in Round 1.

Team 8 (Ravi Yadav): Faced tough competition and had some close matches but did not secure any bonus point victories.

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Monday, 22 July 2024

Overview of Round 1 - Comics Character League Season 2

 
Match #24 - Bankeylal vs. Satyug

Round 1 of the Comics Character League Season 2, held from June 21 to July 18, 2024, was marked by intense battles and surprising outcomes. Teams competed fiercely, resulting in varied performances and close contests.

Point Table and Rankings:

  1. Team 3 - Mohit Sharma Trendster (Q): 11 points, 59.2% vote share.
  2. Team 7 - Mohan Lal Mourya (Q): 10 points, 59.8% vote share.
  3. Team 6 - Manoj Kumar Garg (Q): 10 points, 50.1% vote share.
  4. Team 8 - Ravi Yadav (Q): 10 points, 49.7% vote share.
  5. Team 4 - Khushi (E): 9 points, 55.4% vote share.
  6. Team 2 - Prakash Sharma (E): 7 points, 49.4% vote share.
  7. Team 1 - Rishabh Tiwari (E): 6 points, 42.5% vote share.
  8. Team 5 - Smit Singh (E): 2 points, 33.9% vote share.

Teams 3, 7, 6, and 8 have qualified for the next round, while Teams 4, 2, 1, and 5 have been eliminated. The league promises more action and drama in the upcoming rounds.

Few Other Matches....





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Friday, 17 May 2024

Sunday, 12 May 2024

क्लासिक नागराज

Sharvil Singh - "वैसे तो क्लासिक नागराज का ज्यादातर अब मजाक ही उड़ाया जाता है पर मुझे आज भी वो कहानियां बेहतरीन लगती हैं। बत्तीस पेज में जो मनोरंजन होता था आज कचरा पेटी, शुद्धिकरण सागा जैसी महामारियों में मिलना मुश्किल है। 

उन कहानियों में कुछ अलग ही बात थी। अन इंटेंशनल ह्यूमर भी एकदम बेहतरीन लगता है। 

Bakora का जादू क्या कमाल की कॉमिक्स थी।

अजगर का तूफान, मिस्टर 420, बौना शैतान इन कहानियों का टच अलग होता था। आपकी क्या राय है?"

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इस पोस्ट पर संदीप जुयाल ने जवाब दिया - "मुझे भी शुरुआती नागराज, ध्रुव की कॉमिक्स बेहतरीन लगी थी हालांकि मैंने बचपन मे इनकी शुरुआती कॉमिक नही पढ़ी थी 2012 में जब मैने इनकी शुरुआती कॉमिक्स पढ़नी शुरू की तो वाकई में उनसे प्यार हो गया नागराज का जो आतंकवाद को मिटाने का सफर था बेहतरीन था वह इसलिए क्यों कि नए नए विलेन आते थे नया एडवेंचर होता था कहानियो में आर्ट भी बेमिसाल था तो नए वाले नागराज से मुझे पुराने वाला ज्यादा बढ़िया लगा हालांकि नए वाले नागराज की भी कई कॉमिक्स बढ़िया है लेकिन पुराने वाले नागराज के विलेन कुछ अलग ही थे एक रोमांचक सफर होता था नए दोस्त मिलते थे और खूबसूरत लडकियो ने भी नागराज के इस सफर में खूब साथ दिया था।

आजकल के बच्चो को शायद इतना सिंपल आर्ट और कहानी पसंद न आए लेकिन मुझे काफी पसंद है।"

Wednesday, 4 March 2020

Wednesday, 5 September 2018

Chori ka Arop Comic


Comics Theory Issue #02, Chori ka Arop Comic by Artist Husain Zamin

Regular Edition (32 Pages) Order Link -

Premium Edition (96 Pages, special extra stories, artworks) Order Link -

Sunday, 17 September 2017

कॉमिक्स यादें (श्री रवि यादव) #mycomicsstory


बात शायद 1994 की है, एक बच्चा स्कूल जाता और रास्ते में पड़ने वाली बुक शॉप पर टकटकी लगाकार एक धागे पर टंगी कॉमिक्स को देखता . कॉमिक्स के कवर पर पीली-नीली पोशाक पहने एक लड़का रेल के इंजन से बंधा हुआ था और उसके पास में एक रोबोट की शक्ल वाला व्यक्ति खड़ा था. पता नहीं उस तस्वीर में क्या जादू था कि उस बच्चे का यह नियम बन गया की रोज स्कूल जाते समय उस कॉमिक्स को टकटकी लगाकर ललचाई नजरो से देखना. बच्चा तब तक भोकाल और नागराज की कई कॉमिक्स पढ़ चुका था या यूँ कहिए उनके चित्रों का आनंद ले चुका था पर जब से उसने इस कॉमिक्स को देखा तो बाकी सब कुछ भूलकर उसने इसे पाने की ठानी. कॉमिक्स उसे अपनी बड़ी दीदी और भैया से मिलती थी और वे भोकाल की कॉमिक्स पढ़ना ज्यादा पसंद करते थे. दोनों से बड़े प्यार से गुजारिश की पर उन दोनों के मना करने पर बच्चे का दिल बहुत दुखी हुआ. अगले कई दिनों तक यही क्रम चला पर बच्चे के छोटे हाथों से अब भी वह कॉमिक्स बहुत दूर थी.
बच्चे ने एक तरकीब निकाली उस कॉमिक्स को और पास से देखने के लिए वह अब पचास पैसे की टाफी लेता और उस कॉमिक्स को निहारता. एक दिन दुकानदार अंकल ने पूछा बेटा तुम रोज इन रंग बिरंगे चित्रों वाली किताबों को देखते हो इनमे से तुम्हे क्या चाहिए? अंकल इन रंग बिरंगे चित्रों वाली किताब को कॉमिक्स कहते हैं बच्चे ने बड़ी मासूमियत से जबाव दिया .दुकानदार अंकल ने हंसकर पूछा और तुम्हे इनमे से कोनसी चाहिए? .बच्चे ने धडकते दिल से ऊँगली से इशारा किया वो. दूकानदार अंकल ने वो कॉमिक्स धागे पर से उतारकर उस बच्चे के हाथों मे थमा दी बस फिर क्या था मानो बच्चे को सारा जहाँ मिल गया. बार-बार कॉमिक्स उलट-पुलट कर देखते उस बच्चे को दुकानदार अंकल ने कहा कि बेटा तुम्हारे भैया भी मुझसे कॉमिक्स ले जाते हैं और उन्होंने कॉमिक्स एक रुपया किराये पर देने की बात कही पर बच्चे ने कॉमिक्स वापस अंकल को दी और कहा की अंकल जी आप किसी को ये देना मत मैं जल्दी ही इसे खरीद लूँगा. घर में बार-बार जिद करने पर भी जब 15 रूपये जमा नहीं हुए तो बच्चे का मन बहुत उदास हो गया बरहाल एक रूपये में वो कॉमिक्स किराये पर ली गई, स्कूल बैग में रखकर जब आधी छुटटी में उसे आधा –अधुरा पढ़ा तो नीली-पीली ड्रेस वाला वो हीरो जिसका की नाम सुपर कमांडो ध्रुव था बच्चे के दिल और दिमाग पर छा गया ये जूनून से उस बच्चे का पहला परिचय था.घर आकर जब बच्चे ने कॉमिक्स को पूरा पढ़ा तो बच्चे के दिल ने कहा कहा कि जब पुरे 15 रूपये हो जाएंगे तो सबसे पहले ये कॉमिक्स ही लूँगा अगले कुछ दिनों तक बच्चा “रोबो मैग्नाटो! मुझे अपनी शक्ति दो” चिल्लाता घूमा (हालाँकि कॉमिक्स में ये डाइलाग कही पर भी नहीं था)....

बच्चे का ये जूनून रंग लाया 19 साल बाद जब RC के नागराज जन्मोत्सव कार्यक्रम में स्टेज पर एंकर श्री क्षितिज शर्मा ने SCD से रिलेटेड क्विज कांटेस्ट मे प्रश्न पूछे तो बच्चे (जो की अब 29 साल का हो चुका था ) ने कुछ प्रश्नों के उत्तर पूरा प्रश्न सुने बिना ही दे दिए. मंच के ठीक सामने विरजमान भारतीय कॉमिक्स जगत के सभी महानुभावो और सभी कॉमिक्स प्रेमियों ने तालियों की करतल ध्वनि की लेकिन बच्चे को शायद ध्रुव की बाइक की तरह एक स्पेशल आवाज़ की गूंज का वर्षो से इंतज़ार था वो थी ..”क्या बात है” 
आवाज को सुनकर बच्चे को लगा की आज फिर उसके हाथ में उस नीली-पीली ड्रेस वाले, उसके अपने सपनो के हीरो की कॉमिक है जिसे वो पहली बार छू रहा है .ये आवाज थी उस शख्सियत की जिसने ध्रुव को रचा है “श्री अनुपम सिन्हा जी”.

वो बच्चा (यानी की मैं) आज 31 साल का हो गया है और उसके पास ये कॉमिक्स जिसका की नाम “चुम्बा का चक्रव्यूह” है ,समेत ध्रुव की सभी कॉमिक्स और 2000 से भी अधिक कॉमिक्स हैं....SCD के जूनून की इन्तहा ये है की इसके बिना जीवन अधुरा लगता है ........................
बचपन में जो SCD पढ़ने का मजा आया था वो आज भी बरकार है.. आज भी मैं नए सेट की हर RC फैन की तरह प्रतीक्षा करता हूँ.....

आप सबकी तरह ही एक जुनूनी कॉमिक्स प्रेमी,
रवि यादव (myr)

Friday, 26 August 2016

कॉमिक्स फैन फिक्शन लेखकों के लिए कुछ सुझाव - मोहित शर्मा ज़हन



अपने प्रिय किरदारों को अपनी गढ़ी परिकल्पनाओं में उलझाना हर प्रशंसक को भाता है। वैसा होता तो क्या होता, इस हीरो या विलन अगर फलाने हीरो के विरुद्ध आता तो क्या-क्या दृश्य बनते, किरदार की सभी बातों को बारीकी से समझ कहानी लिखने से लेकर स्थापित आयामो का मुरब्बा तक डाल देते है फैन्स। जहाँ विचार सब करते हैं पर गिने-चुने प्रशंसक ही कलम-कीबोर्ड उठाकर कुछ लिखते हैं। मैंने भारतीय कॉमिक्स खासकर हिंदी कॉमिक्स पर काफी फैन फिक्शन (प्रशंसक-साहित्य) पढ़ा और लिखा है। अपने अनुभव के आधार पर कह सकता हूँ कि कई लोगो की प्रतिभा को अगर सही मार्गदर्शन, मौके मिलें तो वे बहुत अच्छे लेखक बन सकते हैं। कुछ लोग तो कहानी के साथ कला जोड़ कर बेहतरीन कॉमिक्स, कॉमिक स्ट्रिप्स बना डालते हैं। बाहर देशों में अनेकों फैन फिक्शन प्रकाशित हो चुके हैं, उनपर कॉमिक्स-फ़िल्में तक बन चुकी हैं। हालांकि, भारत में ऐसा होने में अभी बहुत समय है।

इस क्षेत्र में जितना जाना उस आधार पर फैन फिक्शन लेखकों, कलाकारों के लिए कुछ सुझाव हैं -

1. केवल एक माध्यम तक सीमित न रहें और कम रेस्पॉन्स मिलने पर (जो शुरुआत में अक्सर होता है) निराश न हों। निरंतर सीखने और अपनी प्रतिभा को निखारने की कोशिश करते रहें। सफल कलाकारों के काम का अवलोकन कर जाने कि उन्होंने ऐसा क्या किया जो वो इस क्षेत्र में सफल हो पाए। ऑनलाइन कॉमिक कम्युनिटी अभी भी काफी छोटी है इसलिए अपने लेख, कहानी, काव्य सिर्फ किरदारों के आस-पास न बुनकर समय-समय अन्य विषयों को चुने ताकि आपकी पहुँच ऑनलाइन हिंदी, इंग्लिश पाठकों तक हो जाए। इस तरह आप पत्र, पत्रिकाओं और संकलन में प्रकाशित हो सकते हैं।

2. सहमति के साथ आप अन्य कलाकारों, लेखकों के साथ कॉलेबोरेट कर सकते हैं। अगर अपने काम से आप सक्षम हैं तो ऐसे कलाकारों को कुछ धनराशि भी ऑफर कर सकते हैं। ऐसा करने से आप अपना दायर बढ़ाने के साथ-साथ विभिन्न शैलियों को मिलाने का काम कर रहे हैं। मिलकर किये गए ऐसे रचनात्मक काम आपको अच्छा अनुभव देते हैं।

3. यह टेस्ट करना ज़रूरी है कि कहीं आप किसी एक या कुछ शैलियों जैसे एक्शन, कॉमेडी, एडवेंचर के गुलाम तो नहीं बन गए हैं और चाहकर भी किसी और प्रकार की कहानी नहीं लिख पा रहें हैं। अगर ऐसा है तो किसी अपरिचित शैली को नए सिरे से उठाने के बजाये उसके एलिमेंट्स ऐसी कहानियों में लाना शुरू करें जिनको लिखने की आपको आदत है। कुछ समय बाद उन शैलियों पर अलग से लिखना शुरू करें।

4. ब्लॉग, फेसबुक, ट्विटर, पिनट्रेस्ट, लिंक्डइन, इंस्टाग्राम का भरपूर प्रयोग करें और अधिक से अधिक आप जैसी बातें फॉलो करने वाले लोगों से जुड़ें। अपनी कहानियां, कलाकृतियां और रचनाएँ केवल 1 या 2 जगह पोस्ट ना करके उनकी वर्ड फाइल, पीडीएफ, ऑडियो स्टोरी, स्लाइडशो आदि बनाकर स्क्राइब्ड, यूट्यूब, ईशु, रीडवेयर, स्मैशवर्डस, टच टैलेंट, बिहेंस, साउंड क्लाउड जैसी वेबसाइटस पर अपलोड करें।

5. अन्य लेखकों और कलाकारों को अपना फीडबैक देते रहना चाहिए। इस से आपका सर्किल मज़बूत होता है और आपको अंदाज़ा लगता है कि कौनसी संभावनाएं या दृश्य कहानी के रूप में कैसे लगते हैं। वैसे छोटी कम्युनिटी में संपर्क, प्रोत्साहन बनाये रखने के लिए इतना करना ज़रूरी है।

6. हर लेखक को इज़्ज़त देना शुरू करें, जब तक वह प्रकाशित नहीं हो जाता या लंबे समय तक लिखता नहीं रहता जैसी कंडीशन न लगाएं। कोई टैलेंटेड हैं, बिना कॉपी किये मेहनत कर रहा है तो उसका सम्मान होना चाहिए। अक्सर कई लोगो को कहते देखता हूँ कि "फैन फिक्शन कुछ नहीं है", दुख होता है क्योकि एक समय मुझे याद है इस कुछ नहीं के चक्कर में मैंने कितना समय, पैसे और प्रयास लगाए थे और मेरे जैसे कई लोग थे/हैं। खैर, जब अपनी कम्युनिटी लेखकों को उचित सम्मान देना शुरू करेगी तभी बाकी लोग कुछ समझेंगे।
लेख का अंत इस बात से करूँगा कि अगर कोई आईडिया आपने कभी फैन फिक्शन में इस्तेमाल किया हो तो उसे भूलकर छोड़ ना दें, हो सकता है आगे कभी वो कांसेप्ट कहीं और बेहतर जगह प्रयोग में लाया जा सके।

Friday, 4 December 2015

कॉमिक फैन फेस्ट (एक सच्चा प्रयास) #comicfanfest

Comic Fan Fest Page - https://web.facebook.com/ComicFanFestIndia/

वर्ष 2006 से मैं ऑनलाइन सक्रीय हूँ खासकर लेखन, कला और कॉमिक्स से जुड़े ग्रुप्स, कम्युनिटीज और फ़ोरम्स पर। इस क्रम में समय-समय पर कई इवेंट्स में जाने का मौका मिला। इन 9-10 वर्षों में अनेको प्रतिभावान कलाकार, लेखक और पैशनेट प्रशंषक देखें, उनमे से कुछ को सीढ़ी दर सीढ़ी सफलता पर चढ़ते, अपने टैलेंट से दुनिया को विस्मित करते देखा। यहाँ मैं ऐसे फैंस, कला-साहित्य-कॉमिक्स प्रेमियों की बात करूँगा जिनके दीवानेपन ने मुझे चौंकाया और प्रेरित भी किया। यह लेख सिर्फ कॉमिक्स पर केंद्रित करता हूँ। 

 वैसे तो कॉमिक्स फैन्स का वर्गीकरण बहुत तरह से हो सकता है पर सिर्फ एक्टिव फैन्स की बात करें तो कुछ लोग बड़े जोश में एंट्री मारते है ग्रुप्स, डिस्कशन बोर्ड्स आदि पर और कुछ समय के लिए सारे थ्रेड्स जैसे हाईजैक कर लेते है। ऐसा लगने लगता है कि वाकई ये कॉमिक्स जगत में रेवोलुशन ले आएंगे और कई प्रकाशन इन्हे अधिकृत या अनधिकृत रूप से अपना कंसल्टेंट नियुक्त कर देंगे। कुछ हफ्तों में इन्हे ऐसा सुपीरियोरिटी काम्प्लेक्स चढ़ता है कि ये स्वयं को अन्य साथियों यहाँ तक कि नए या छोटे प्रकाशनों से जुड़े क्रिएटिव्स तक से ऊपर समझने लगते है। धीरे-धीरे इनकी हवाई बातें और ऊपरी जुनून जब ठंडा पड़ता है 2-3 वर्षो बाद इनका पता नहीं चलता कहाँ गए। इनके राखी सावंत एन्टिक्स के कारण दूसरे फैन्स को नुक्सान होता है। इनके अलावा अपनी नौकरी, दिनचर्या में व्यस्त फैन्स का एक बड़ा हिस्सा रीड ओनली मोड़ पर रहता है और कभी कबार अपनी उपस्थिति बताता रहता है। 

अब आते है प्रशंषको के बहुत छोटे पर सबसे ख़ास वर्ग पर जो अपनी जॉब, परिवार व अन्य ज़िम्मेदारियों के बावजूद निरंतर कॉमिक्स प्रेम में डूबे रहते है और निस्वार्थ बहुत से अन्य फैन्स की मदद करते है। मेरा सौभाग्य है कि मैं कॉमिक फैन फेस्ट इवेंट के ज़रिये ऐसे ही एक ग्रुप से रूबरू हो पाया। जिस समाज में कॉमिक्स महत्वहीन समझी जाती है, पर ये लोग किसी किरदार, कॉमिक, कलाकार पर ऐसे सब भूल के मग्न होकर बातें करते है कि कुछ देर को बाकी दुनिया इनकी कॉमिक्स की दुनिया के आगे बौनी लगती है। किसी नयी-पुरानी कॉमिक का नाम लेने पर जाने कहाँ से खंगाल कर ये लोग कवर की डिटेल्स से लेकर अंदर पैनल्स तक का ब्यौरा दे देतें है। आँखों में ऐसी बेचैनी जैसे गिरवी रखे घर-बिज़नस का मुद्दा हो लिये, भूले बिसरे कलाकारों पर चिंतन-मनन और उनकी खैर खबर पर चर्चा चलती है। इसी दिशा में इवेंट के चौथे संस्करण में एक गुमनाम पर गुणी कलाकार श्री मोहन शर्मा जी को सम्मानित किया गया। आशा है आगे भी यह क्रम जारी रहेगा।  मैं खुद को एक कॉमिक प्रेमी मानता हूँ पर इन लोगो को देखकर लगता है कि ये है गेम के असली ड्रैगन्स, मैं तो इनके आगे छोटा-मोटा गुंडा हूँ। बीते कुछ वर्षो में यह ग्रुप बहुत से लोगो को प्रेरित करता आ रहा है, मेरी बात ना माने तो ये बात आपको कई कॉमिक्स कलेक्टर्स बताएँगे और अनेको इवेंट्स पर इनके फ़ोटोज़ भी या तस्सल्ली ना हो तो एक बार निष्पक्ष होकर इनसे मिल लें। स्पेशल मेंशन रवि यादव, संजय सिंह, आकाश, मोहनीश, अयाज़ और जय खोहवाल जी का जो हर बार ये इवेंट जीवंत बना देते है। इनके लिए कामचलाऊ से बेहतर काम ना होना है क्योकि इवेंट के प्रारूप से लेकर गुडीज़ के डिज़ाइन तक जैसी कई चीज़ों में ये बेचारे अपने जाने कितने वीकेंड्स और छुट्टियाँ गवां देते है। 

ऑनलाइन और असल जीवन में कॉमिक कम्युनिटीज में अपने अनुभव के आधार पर मैं यह कह सकता हूँ की ये लोग बहुत कुछ है पर नकली कतई नहीं है (जैसा पिछले कुछ दिनों से मैंने कुछ पोस्ट्स पर देखा)...और अगर नकली होना यह होता है तो भगवान सबको नकली बनायें। 

- मोहित शर्मा ज़हन #comicfanfest #indiancomics

Tuesday, 28 July 2015

Interview - Dr. Alucard (Illuminati Comics & Comics Khazana Magazine)

वैसे तो मैंने इनसे पॉडकास्ट का वायदा किया था पर हर बार कुछ ना कुछ गड़बड़ होने के कारण एक लेख के रूप में डॉ. Alucard एडिटर, illuminati कॉमिक्स, desi-american.com  (छद्म नाम) का साक्षात्कार पोस्ट कर रहा हूँ। इसके अलावा देसी अमेरिकन डॉट कॉम एवम कॉमिक्स खज़ाना पत्रिका के ज़रिये ये अपनी टीम के साथ हमारा मनोरंजन करते आये है। - मोहित शर्मा (ज़हन) #mohit_trendster


*) - पहचान के लिए ऐसे छद्म नामो के इस्तेमाल की क्या वजहें है?

सबसे पहले तो धन्यवाद मोहित मुझे आपके पॉडकास्ट पर invite करने के लिए . जी हाँ DR. ALUCARD मेरा alias है . ऐसा करना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि मेरा भी परिवार है , मैं एक कॉमिक्स फैन के रूप में सबको एंटरटेन करना चाहता हूँ but not at cost of my own problems/life. असल में सबसे बड़ी दिक्कत रही है कॉपीराइट की . इस प्रोजेक्ट को करते वक़्त कुछ सवाल बार-बार सामने आये - कहीं ये काम गलत तो नही होगा ? पात्रों के कॉपीराइट का हनन ? कानूनी-गैर-कानूनी इत्यादि। लेकिन ये सब सवाल कॉमिक्स को बचाने और उस की लोकप्रियता बढ़ाने का है। यही जुनून है जिसने हमें कई बातें सिखाई। मैं सभी पब्लिशर और रचनाकारों से कहना चाहूँगा की हम सभी आप से बेहद प्रेम करते हैं और आपके शुक्रगुज़ार हैं की आपके अथक परिश्रम के कारण हमारा बचपन इतना सुंदर और यादगार बना। हमारा ध्येय किसी भी प्रकार से कॉपीराइट का हनन करना या पब्लिशर को नुकसान पहुँचाना नहीं है। ना ही हम किसी प्रकार से भारतीय हीरोज़ को पश्चिमी  हीरोज़ से कमतर आंकने की कोशिश कर रहें हैं। हम सिर्फ भारत में कॉमिक्स के प्रति पाठकों की रूचि बढ़ाना चाहते हैं । अगर किसी भी पब्लिशर और रचियता को इससे समस्या हो तो हमें ईमेल करें ताकि हम मिल कर इस का समाधान कर सकें। एक और महत्वपूर्ण बात - हमने इस कॉमिक श्रृंखला की सिर्फ डिजिटल कॉपी ही बनायीं है और इसे पाठकों को बिना किसी मूल्य के बाँट रहे हैं।  जब मैंने ये प्रोजेकट शुरू किया तब मैंने बहुत लोगों से हेल्प मांगी लेकिन सिर्फ कुछ चुनिन्दा लोगों ने ही मदद की. ऐसा इसलिए क्योंकि सबको डर था की क्या ये कॉपीराइट नियम का उलंघन होगा ? हाँ कुछ हद तक उनका डर सही भी है . लेकिन मैं सभी पाठकों को कहना चाहता हूँ की ये सिर्फ फैन-आर्ट है. हम इसे non-commercial, non-monetary, non-profit रूप में बना रहे हैं और हमारा इसका कोई hardcopy बनाने का कोई विचार नहीं है . हम fans से इसके के लिए कोई पैसा नहीं ले रहे हैं . अब आप ही बताये कॉपीराइट उल्लंघन क्या है ? क्या सुपर हीरोज़ के drawing बनाना, उन पर कलर करना , उनके images को फेसबुक पर लगाना ये अलग है ? नहीं यह भी उल्लंघन है . मेरे पहले फ्रैंक knot, नवनीत जी , इंदरजीत भानुजी etc भी यह कर चुके है . हमारा उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन है और कुछ नहीं . असल में राज कॉमिक्स, डायमंड कॉमिक्स, DC, मार्वल बहुत बड़ी कंपनियां है और मुझे नहीं लगता के उन्हें इस प्रकार के फैन-आर्ट से कोई समस्या होगी. उनके लिए तो फिलहाल पायरेसी बहुत बड़ी प्रॉब्लम है . वैसे भी इस प्रकार कर फैन-आर्ट शायद नए readers को जोड़ने में मदद करे ! मैं नहीं कहता की इन कम्पनीज को मेरे फ्री की पब्लिसिटी की ज़रुरत है . नहीं , बिलकुल नहीं . यह तो सूरज को दीपक दिखाने जैसा होगा . यह कॉपीराइट और इस प्रकार के सवाल भी कहीं ना कही fans के दिमाग की ही उपज है . मुझे पूरी उम्मीद है की कॉमिक्स कंपनी इसे फैन-आर्ट के रूप में ही लेगी और इसका कोई issue नहीं बनाएगी . और अगर फिर भी उन्हें कोई भी समस्या हो तो तो वे हमे ईमेल कर सकते है और हम तुरंत अपना प्रकाशन रोक देंगे. मेरे ख्याल से fans को इस बात को यहीं भूल जाना चाहिए और अपना वक़्त इस बेकार के डिस्कशन के बजाये इस कॉमिक्स का मज़ा लेने में लगाना चाहिए .  

*) क्या आप पहले भी किसी ऑनलाइन कम्युनिटी से जुड़े थे यदि हाँ तो कौन कौन सी? 

मैं शायद ओरिजिनल इन्टरनेट कॉमिक्स फैन में से एक हूँ . मैं ब्लोग्स , ऑरकुट के विभिन्न फोरम , rcj , देसी-अमेरिकन और हर साईट से जुड़ा हूँ . इन शोर्ट अगर नेट पर कॉमिक्स है तो मैं वहां पर जुड़ा हुआ पाउँगा

*) - इस कॉमिक्स को बनाने का आईडिया कैसे आया व इस कहानी में क्या ख़ास बातें मिलेंगी पाठकों को?

एक कॉमिक्स फैन के लिये यह एक सपना पूरा होने की स्थिति होती है जब उनके सब मनपसंद हीरोज़ चाहे  अलग-अलग पब्लिकेशन या भाषा के एक साथ काम करें या एक-दूसरे से टकराये। मुझे उम्मीद है की आपको मेरा ये प्रयास अच्छा लगा होगा। मैं इस प्रोजेक्ट पर कई सालों से काम कर रहा हूँ। इतना समय इसलिए लगा क्योंकि ये काम अकेले इंसान के बूते के बाहर की बात है। साथ ही साथ मैं नहीं चाहता था की जल्द बाज़ी में आपको दोयम दर्ज़े की चीज़ पेश करूँ। इसमें विभिन्न स्तरों पर काफ़ी मित्रों ने सहायता की। मैं उन सभी का शुक्रगुज़ार हूँ। उनके बिना ये संभव नही था. ख़ास बात ये है की STORY IS FOR THE FANS, BY THE FANS. इसमें ओल्ड स्कूल स्टाइल की 90 के दशक के तरह की कहानी देखेंगे जहाँ हर कॉमिक्स की अपनी एक अलग स्टोरी है लेकिन ये सब स्टोरी एक मुख्य  उद्देश्य / कहानी की तरफ बढती है . शायद इसी कारणवश ये सिंपल है काम्प्लेक्स नहीं. इसका RC के सर्वनायक के साथ कोई भी तुलना बेमानी है .

*) - अपनी टीम के बारे में कुछ बतायें?
वैसे तो हम 4-5 लोग है . मेरे अलावा हमारे ग्राफ़िक कंसलटेंट है skhan भाई . और राइटर है stories के लेकिन अभी तक उनके alias रेडी नहीं है तो मैं आपको बता नही सकता लेकिन कॉमिक्स के साथ ही आप वो नाम ज़रूर देख पाएंगे

*) - कॉमिक आईडिया से लेकर आर्टवर्क एडिटिंग की प्रक्रिया से हमे अवगत करवायें।
फोटोशॉप सीखना , एक अच्छी कथा श्रृंखला लिखने की कोशिश करना , पूरी तैयारी करना इत्यादि बहुत मुश्किल रहा। ये कहना गलत होगा की सब कुछ मैंने अकेले किया है। सबसे अजीब बात ये रही की अंत में मैं photoshop सीखने में नाकाम रहा और फिर हमने आर्टवर्क MSPAINT और EXCEL की मदद से किया . आर्टवर्क के लिए raw images हमने स्कैन नहीं की है. यह सब हमने इन्टरनेट से ही लिया है . हमने पहले मुख्य स्टोरी पर काम किया, फिर हर कॉमिक्स की स्टोरी पर, फिर उनके स्क्रिप्ट्स और संवादों पर. अंत में हम पेज-by-पेज आर्टवर्क करते हैं


*) - प्रस्तुत कॉमिक और आगे की सीरीज के टीज़र्स के बारे में। 
अर्थ 24- पॉइंट जीरो . ये हमारी पहली कॉमिक्स है. पूरी कहानी की सूत्रधार . यहाँ हम देख रहे है फ़ोबोस और मोबोस (कोबी-भेड़िया वाले) के बीच लड़ाई को जो २४वे आयाम की पृथ्वी पर ज़लज़ला ला देगी . इस आयाम की खासियत ये है के हर आयाम की विशेषता और हीरोज़ इसमें है . इसमें कुछ चीज़े वो ही हो सकती है जो पाठकों को पता है लेकिन कुछ ट्विस्ट भी नए होंगे . जैसे पाठकों को ध्रुव ले पिता के बारे में पता है लेकिन यहाँ एक नया ट्विस्ट है, वैसे ही नागराज की कुछ शक्तियां है तो कुछ नहीं . सीरीज की सभी कॉमिक्स की प्लानिंग अभी नहीं हुई है लेकिन अभी २ कॉमिक्स कम्पलीट है और 5 की स्क्रिप्ट पर काम चल रहा है .

*) - आजकल के माहौल में अपने काम को कहाँ आंकते है ?
well ये तो अपने मुँह मिया मिठू वाली बात हुई. हमारा सही आंकलन तो आप और बाकि फैन ही कर सकते है . हमने हमारा काम प्रोफेशनल स्तर पर करने की कोशिश ज़रूर की है और ज़रूर दूसरे जितने भी फैन कॉमिक्स आये है उनसे आपको ये बेहतर और लयबद्ध लगेगा लेकिन हम अपनी तुलना RC या किसी कंपनी से नहीं करते. हम फैन है और उसी पहचान से खुश है

*) - देसी अमेरिकन वेबसाइट का विचार कब आया, इसके क्या उद्देश्य है और कैसा रिस्पांस मिल रहा है?
असल में साईट का विचार मेरा नहीं है . ये हमारे मित्र MR.NIK की है जिससे हम मिले और फिर इसी से जुड़ गए. यहाँ सबसे अच्छी बात ये है की इस साईट के कंटेंट ज़िन्दगी के हर पहलु से जुड़े है और यहाँ पर सबके लिए कुछ ना कुछ है . साईट का रेस्पोंसे अच्छा है .. हर रोज़ नए मेम्बर बन रहे है . मेरी सबसे येही रिक्वेस्ट है की आप साईट पर फ्री रजिस्ट्रेशन करे और लॉग इन कर कमेंट्स करे ताकि हम आपके विचार जान सके .nik के अनुसार इस साईट का मुख्य उद्देश था लोगों को जोड़े रखना. सभी जानते है की ऑरकुट की फोरम व्यवस्था अच्छी थी और अब उसके बंद होने के बाद सब फेसबुक से जुड़े हैं . लेकिन फेसबुक में पुरानी पोस्ट्स पढना मुश्किल होता है और कोई गारंटी नहीं के फेसबुक ये कब तक शुरू रखेगा. इसलिए यह साईट बने गयी जो हमेशा के लिए परमानेंट जगह हो दोस्तों के मिलने के लिए. तभी रजिस्ट्रेशन पर इतना जोर दिया जा रहा है . और यहाँ का रजिस्ट्रेशन कुछ दूसरी साईट के समान कठिन नहीं है . यह बिलकुल आसान है .

*) - पसंदीदा लेखको, कलाकारों के बारे में बतायें। 
मेरे ख्याल से अनुपम जी , मनु जी , स्कॉट snyder , बॉब kane, stan ली और प्राण सर ... 

*) - समकालीन कॉमिक्स पब्लिकेशन्स के काम से क्या आप संतुष्ट है? भारतीय कॉमिक्स से जुड़े अपने कुछ अनुभव, सुझाव आदि बताएं। 
मैं भारतीय इंग्लिश कॉमिक्स से बहुत संतुष्ट हूँ जैसे की होली काऊ, लेवल १० , याली ड्रीम , स्पीच बबल etc . इनका आर्टवर्क और पेपर क्वालिटी इस प्रकार होती है की उनकी ज्यादा कीमत भी भारी नहीं लगती. हालाँकि मेरा मानना है की वो कीमत थोड़ी कम कर सकते है . जहाँ तक हिंदी की बात है फेनिल जी से बहुत उम्मीद है और RC व डायमंड के अलावा कोई इंडस्ट्री के लीडर नहीं है. डायमंड की कॉमिक्स – चाचा चौधरी से ही मैं इस कॉमिक्स की दुनिया में आया.. फिर नागराज और ध्रुव का ऐसा साथ मिला के छुटा ही नहीं . एक मजेदार वाकया है , मै 4 साल का था और फैमिली के साथ ट्रेन में जा रहा था. घरवालों ने स्टेशन से चाचा चौधरी की कॉमिक्स ले कर दी लेकिन मुझे तब तक पढना नहीं आता था . मैं बार-बार बड़े भाई से पढने के लिए ज़िद कर रहा था . तभी एक अंकल जो सामने की सीट पर थे, मुझसे बोले “ इतने बड़े हो और पढना नहीं आता ?” शायद वो ही बात मेरे बाल सुलभ मन को लग गयी और मैंने खुद पढना शुरू किया.. और फिर पढने की ऐसी लत लगी की आज तक नहीं छुटी . मैं सिर्फ राज कॉमिक्स से अनुरोध करना चाहूँगा – गलतियाँ नहीं निकल रहा हूँ क्योंकि मैं अपने आप को उस लायक नही मानता – अनुरोध ये है की आप सेट निश्चित समय में निकले, और ज्यादा नहीं तो परमाणु, डोगा और भोकाल इन हीरोज़ पर भी ध्यान दे . आर्टवर्क आपका बहुत अच्छा हो गया है अब. साथ ही साथ पुरे देश में कैश-ओन-डेलिवरी शुरू करे और छोटे शहरों में जहाँ आपकी कॉमिक्स नहीं मिलती वहां कुछ प्रबंध करे . हो सके तो टायर-२ शहरों में भी कभी छोटे मोटे बुक फेर करे या वहां के उद्योग मेलों में भाग ले

*) - अब कॉमिक्स कल्चर किस तरह पहले से अलग है ? इन बदलावों को आप कैसे देखते है ?
कॉमिक्स कल्चर पहले से अच्छा हुआ है लेकिन डर भी लगता है की कहीं हमारी जनरेशन आखरी ना  हो कॉमिक्स फैन की !! यह हमारी ज़िम्मेदारी है की हम अगली पीढ़ी को कॉमिक्स से introduce करवाए . इन्टरनेट और ऑरकुट का बहुत बड़ा योगदान रहा है कॉमिक्स को DARK ages से बाहर लाने का . उम्मीद करता हूँ ये कारवां ऐसे ही बढ़ता जायेगा . अंत में, मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूँ की जूनून को ज़िन्दा रखें, आने वाली पीढियों में कॉमिक्स कल्चर को बढ़ावा दें और BUY COMICS & SAVE COMICS INDUSTRY !
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Update 

हमारी कॉमिक्स - " अर्थ 24 - पॉइंट जीरो " काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिली और आप सबके ईमेल भी प्राप्त हुए । सबसे अच्छी बात की हमारी कॉमिक्स को 250 से ज़्यादा डाउनलोड मिले है । प्रशंसा सभी को अच्छी लगती है लेकिन हमने कोशिश की है की आप की आलोचनाओं से भी सीखे । इन सभी बातों को ध्यान रख कर पिछली कॉमिक्स के सवालों का जवाब देने के लिए 
Illuminati Comics और desi-american.com पेश करते हैं " ग्राउंड जीरो - राइज ऑफ़ दी सरपेंट " जो ना सिर्फ कहानी को आगे बढ़ाएगी बल्कि सवालों का जवाब भी देगी । जी पाठकों की शिकायत थी की पहली कॉमिक्स बहुत छोटी थी उनके लिए भी खुशख़बरी है की ये अपने-आप में पूर्ण कॉमिक्स होगी जिसमें 40 पेज होंगे । महासंग्राम का पहला पड़ाव आरम्भ होगा 6 अप्रैल से" - Dr. Alucard (Illuminati Comics)

Friday, 26 December 2014

New Podcasts from Comics Memories Series


Comic Artist, Writer, Translator Bharat Negi ji Tribute Podcast

भरत नेगी जी को समर्पित यह पॉडकास्ट, मेरा निवेदन है ज़रूर सुने और शेयर करें। 

कुछ ऐसी स्थिति थी रिकॉर्ड करते समय की ठंड में ठिठुरते हुए अटक-अटक कर पर एकबार में यह पॉडकास्ट पूरी की है, आशा है पसंद आएगी। #freelancetalents #bharatnegi#trendster #mohitness #podcast 

https://soundcloud.com/mohit-trendster/remembering-artist-bharat-negi

पनौती अटैक (Comics Memories Podcast # 05) - Mohit Trendster
Ek bachche ka panauti bhara din jisme aakhirkar usko comics aur nanhe samrat ka sahara mila. 10 Minutes ki yeh podcast aapki khidmat mey pesh hai....

#india #comics #mohitness #trendster #freelancetalents #podcast #hindi

https://soundcloud.com/mohit-trendster/panauti-attack-comics-memories
- Mohit Trendster #mohitness
Soundcloud Channel:

Monday, 30 September 2013

Villian's Side?

RC aksar apni stories mey villains ki soch ko kaafi kum dikhati hai. Villains ki side ki bahut si baaton ko purani kahaniyon kay hisaab se dikhaya jaata hai. Jaise kuch villains ka apradh karte rehna par uske peeche koi logical reason na hona, Fights kay waqt often hero apne rival se 10-12 guna zyada sochta hua dikhaya jaata hai, etc. Aisa hamesha se hota aa raha hai. 

Villains kay bahut se overused, stereotype, dialogues ab bahut bachkane lagte hai. Jaise sabhi random villains ka trademark "Ha Ha Ha......", kisi hero ko maarne ya pakadne ki taiyari karne kay baad agar wo hero villain kay saamne aa jaaye to villain kehta hai...."Arre, Bheriya...tum yahan?"....jaise wo villain Bheriya ki jagah Gamraj ka aana expect kar raha tha. :lol: :lol: Mere kehne ka matlab hai ki aise dialogues aur baaton ka use hona chahiye par bahut zyada nahi. 

Kahani sirf hero nahi banata balki zyadatar kahaniyan villains kay kiye kaamo kay aas-paas ghoomti hai....to itney important kirdaaro ki aisi andekhi kyu? 
Main lead character hamesha achchha aur sachcha ho ye zaroori nahi hai. Kisi villain kay point of view se kahani aage badh sakti hai. Aisa videsho ki publications aur film industries karti aayi hai. 

Mujhe lagta hai 'Aghori' iss concept kay liye sahi rahega. 

Kya RC ko aisi series laani chahiye jisme story kisi villain ya galat kaam karne waale character ko mukhya role mey rakh kar likhi gayi ho?

Kya readers aise character(s) ko accept kar paayenge?
Pehle to gundey Hero kay vaaro par kuch aise thought balloons dete thay. 

"Ye haath hai ya hathoda". (Comic - Dynamite) 

Aise aur bhi examples hai.

So, RC please show every villain's thinking and dialogues properly.

Wednesday, 24 April 2013

Woh Khush Hai (Fenil Comics)

Freelance Talent Group's new Poetic Comic "Woh Khush Hai" with artist Surjeet Besra & Fenil Comics. He is a quick learner and I wish him good luck for his future projects.




- Mohit Sharma (Trendy Baba)

Tuesday, 25 September 2012

Raj Comics Sound Studio

***Raj Comics Audio Studio***
                                                        
                 

Aapke liye, aapke saath har waqt, har jagah, har dum ....har comics mey :shock: :lol: tatpar 'Raj Comics Audio Department' jo apne simit sansadhano kay saath bhi itne saalo se aapka mehaz aawazo se aapka manoranjan kar raha hai. Unke iss nirantar mahatvapoorna yogdaan ko mai salaam karta hun. Waise kabhi-kabhi Wahi ji direct hi likh dete hai "Fisalna....Rapatna"....he he

Kuttey - Gurrr, Bhoo, woof.

Gendda - Bronk .

Haathi - Kriyan.

Keet patange - Chitar-chitar, Chit-chit, Kitar-pitar, Bhinnn, Barr, mmmmm.

Saans lena - Humf, Haff.

Goli chalna - Chiyuum (chyuum), Dhaaye, Jing, Bang.

Dhamaka - Bhadam, Boom, Bhadak.

Paani se sambandhit - Gulup, Chhapak.

Talwar/Dhaal - Sannn, Tannn, Tanak, tapp, ghapp, Sarrr.

Vaahan - Vroooom, Ghrrrrr, Drrrrr.

Vaar/Prahaar - Tadd, Tadak, Dhadd, Dhadak, Thhad, Dishum, chhat.

Dum ghutna/Pareshani hona - Gadab, Aak.

Ulti karma - Uvaakk.

Bijli girna/Current lagna - Kad kad, Tarad, Barant.

Khana/Chabana - Chabad-Chabad

Miscellaneous - Burp, Trinn trinn, farr, Chakar chakar, Phooo, Pi pi pi, Bling, Yaak, Chuuu, Puchch ( Generally, in Vikram Singh's dialogues).

Baaki sab to theek hai par Khaasne aur Bandar ki aawaz mey antar karna bada mushkil hota hai, aap log kaise karte hai ? :arrow:

"Khoo-Khoo". :lol:
 
- Originally posted on RC Forums by Mohit Sharma (Trendster), Year 2008.

**What if "they" were not Crime Fighters......**


**What if "they" were not Crime Fighters......**

 
                                     

Agar apne favorite superheroes....crime fighting naa karte to wo shayad apne features ko suit karte aise businesses ya services mey lage hotay.

*) - Fighter Toads - Pest Control

*) - Doga - Sanitary ware Business.

*) - Gamraj - Yamunda all purpose transport service, Kurla based N.G.O.

*) - Tiranga - Ready Muscle Maker Salesman, Shayari Pocket Books ka elite writer.

*) - Anthony - Crow Alarm Clocks, Convenient Re-Breakable Cement.

*) - Aswraj - Kapila Pashu Ahaar.

*) - Kobi - Play School coordinator, Ambassador of Maneka Gandhi's Animal Rights Campaign.

*) - Dhruva - Dimaagi Tonic, churan.

*) - Vakra - Match fixing, betting, sports good dealer.

*) - Blind Death - Braille Scripts writer, senior citizens ko zabardasti raasta paar karva kar style maarne waala.

*) - Yoddha - Translator (All languages to Shudh Hindi)

*) - Shaktimaan - Moral Science Teacher...."Sorry Shaktimaan".

*) - Bankey Lal - Member of Planning Commission of India.

*) - Shakti - Mahila Aayog Activist.

*) - Tilismdev - Character Actor Playing "Dada-Nana" roles in Bhojpuri films.

- From my topic "Sharma ji's Lab" (RC Forums), 2007.
- Mohit Sharma (Trendster)

Thursday, 13 September 2012

Long Live Inquilab! (Book/Comic)

Freelance Talents in association with ICUFC Comics presents...."Long Live Inquilab!" (Available - Pothi, Smashwords, ISSUU, Minus, Scribd, Myebook, etc and their allied networks). Download the pdf file instead of online reading for better reading experience. Non-fiction description, historical accounts, photos, poems, scenes, artworks......about Hindustan Socialist Republican Association (HSRA), events related to Indian Freedom Struggle and Jallainwala Bagh Massacre.

Pothi - http://pothi.com/pothi/book/ebook-mohit-sharma-trendster-long-live-inquilab

Scribd - http://www.scribd.com/doc/103461801/Long-Live-Inquilab